
Karnataka कर्नाटक: एनफोर्समेंट डायरेक्टोरेट (ED) ने राज्य के एक्साइज विभाग के एडिशनल कमिश्नर वाई. मंजूनाथ के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए बुधवार सुबह उनके घरों और उनसे जुड़े कई ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की। इस कार्रवाई से प्रशासनिक हलकों में हलचल मच गई है।
जानकारी के अनुसार, यह छापेमारी कथित रूप से अवैध संपत्ति अर्जन और संदिग्ध वित्तीय लेन-देन के आरोपों के आधार पर की गई है। अधिकारियों का कहना है कि शुरुआती जांच में कुछ ऐसे संकेत मिले हैं, जिनके आधार पर यह कार्रवाई की गई।
वाई. मंजूनाथ वर्तमान में राज्य के एक्साइज विभाग में एडिशनल कमिश्नर के पद पर कार्यरत हैं। वे मंत्री सतीश जारकीहोली के रिश्तेदार भी हैं, जिससे यह मामला राजनीतिक रूप से भी चर्चा में आ गया है। बताया जा रहा है कि मंजूनाथ मंत्री की बहन महादेवी के पति हैं।
छापेमारी के दौरान ED की टीम ने कुल छह स्थानों पर एक साथ कार्रवाई की। इनमें मैसूर के कुवेम्पु नगर स्थित उनका आवास, बेलगाम में दूरदर्शन केंद्र के पास स्थित घर, और विजयनगर जिले के हरपनहल्ली तालुक के अरासिकेरे गांव में मौजूद दो अन्य आवास शामिल हैं। इसके अलावा उनसे जुड़े कार्यालयों पर भी तलाशी अभियान चलाया गया।
अधिकारियों के अनुसार, तलाशी अभियान के दौरान दस्तावेजों और वित्तीय रिकॉर्ड की जांच की जा रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि संपत्तियों और आय के स्रोतों में कोई असमानता तो नहीं है।
मंजूनाथ लंबे समय से प्रशासनिक सेवा में प्रभावशाली पदों पर कार्यरत रहे हैं। वे बल्लारी के पूर्व सांसद वाई. देवेंद्रप्पा के बेटे भी हैं। इससे पहले भी वे विवादों में रह चुके हैं। वर्ष 2012 में जब वे एक्साइज विभाग में डिप्टी कमिश्नर के पद पर थे, तब लोकायुक्त ने उनके खिलाफ छापेमारी की थी।
ED की इस ताजा कार्रवाई के बाद मामले ने और तूल पकड़ लिया है। हालांकि अभी तक एजेंसी की ओर से कोई आधिकारिक निष्कर्ष साझा नहीं किया गया है और जांच प्रक्रिया जारी है।
अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही आगे की कानूनी कार्रवाई तय की जाएगी। फिलहाल सभी संबंधित दस्तावेजों और इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड की गहन जांच की जा रही है।
कुल मिलाकर, यह मामला एक बार फिर से प्रशासनिक और राजनीतिक हलकों में चर्चा का विषय बन गया है और आने वाले दिनों में इससे जुड़े और तथ्य सामने आने की संभावना है।





